मण्डौर के प्रतिहार

आदिपुरुष हरिशचन्द्र-प्रतिहारों की 26 शाखाओं में मण्डौर के प्रतिहार सबसे प्राचीन एवं महत्त्वपूर्ण शाखा थी। इनके बारे में हमें जोधपुर के एक शिलालेख (836 ई. का) और घटियाले के दो शिलालेखों (पहला 837 ई. का और दूसरा 861 ई. का) से थोड़ी- बहुत जानकारी मिलती है। इनसे पता चलता है कि मण्डौर के प्रतिहार हरिशचन्द्र एवं उसकी क्षत्राणी पत्नी भद्रा से अपनी वंशोत्पत्ति मानते हैं। हरिशचन्द्र प्रतिहारों का गुरु भी…

April 2, 2021
Read More >>