मिहिरभोज

मागील नागभट्ट द्वितीय ने कन्नौज को जीतकर गुर्जर-प्रतिहारों के वर्चस्व को पुनः प्रतिष्ठित किया। चूँकि चक्रायुध बंगाल के धर्मपाल का आश्रित राजा था अतः धर्मपाल ने नागभट्ट द्वितीय पर आक्रमण कर दिया। परन्तु घमासान युद्ध में उसे नागभट्ट द्वितीय के हाथों पराजित होकर बंगाल लौटना पड़ा। नागभट्ट द्वितीय के बाद उसका पुत्र रामचन्द्र या रामभद्र 832 ई. में कन्नौज के सिंहासन पर बैठा। उसने केवल तीन वर्ष तक राज्य किया…

April 2, 2021
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उज्जैन और कन्नौज के गुर्जर-प्रतिहार

पूर्वज प्रतिहारों ने मण्डौर से अपना राज्य विस्तार शुरू किया था और उनका हरिशचन्द्र नामक ब्राह्मण था। सम्भव है कि हरिशचन्द्र के समय से ही उसके वंशजों ने अपनी सुविधानुसार राजस्थान, गुजरात, मालवा, कनौज आदि क्षेत्रों में बसना शुरू कर दिया था और जब अवसर मिला अपने राज्य भी स्थापित करते चले गये। डॉ. ओझा का मत है कि इन प्रतिहारों ने सर्वप्रथा चावड़ा राजपूतों से भीनमान का राज्य अधिकृत…

April 2, 2021
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